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दक्षिणा के आधार पर ज्योतिषी न देखें पत्रिका, आधुनिक उपाय बताएं Do not consult astrologers who charge fees for reading horoscopes; instead, seek modern solutions

ज्योतिषी का कार्य सही रास्ता दिखाना है। 

ज्योतिष में फैलाई जा रही भ्रांतियों को किया दूर। 
पंचांग हर व्यक्ति को सीखने का बताया महत्व। 



इंदौर। आप सभी प्रेस के साथियों को यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि दिनांक 4 जनवरी 2026 को नक्षत्र कुटी के तत्वाधान में एक दिवसीय वेदांग वार्ता का कार्यकम प्रेस क्लब में किया गया। ज्योतिषाचार्य डॉ. गिरीश व्यास ने कहा कि ज्योतिष के साथ वेदांग की भी आवश्यकता है। ज्योतिष में आज के समय में काफी भ्रम फैलाया जा रहा है। इसके शमन के लिए यह कार्यक्रम किया गया। हमारा उद्देश्य सही ज्योतिष के जरिए लोगों का मार्गदर्शन करना है। ज्योतिष की मदद से आप पता कर सकते हैं कि आपके जीवन में आए ग्रहों और गोचर का एजेंडा क्या है। हर समय आपको धन और संपन्नता देने के लिए नहीं आता। कोई-कोई दशा आपके धर्म, दर्शन, आध्यात्मिकता की दिशा देने के लिए आती है। यदि आप उस समय के अनुसार ढलते हैं, तो लाभ प्राप्त करते हैं। इस आयोजन के संरक्षक पंडित योगेंद्र महंत ने बताया कि ज्योतिष ग्रहों के प्रभाव को नहीं बदलती, अपितु वह आपको संबंल बनाकर उसे प्रभावों को कुछ हद तक कम कर सकती है। पंचांग के आधार पर दैनिक गतिविधियों को चलाने पर जीवन में सामंजस्य बनता है। संयोजक गोपाल बैरागी ने संचालन के साथ ज्योतिष के विविध आयामों पर जोर दिया। कार्यक्रम में महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति महामहोपाध्याय डॉ मिथिला प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि शनि, राहु-केतु बिना वजह ही बदनाम हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव हमारे जीवन में सूर्य और चंद्रमा का पड़ता है। चंद्रमा मन का कारक है और सूर्य आत्म का। जब मन और आत्मा मजबूत होती है, तो व्यक्ति सफलता की सीढ़ियां चढ़ता है। इसलिए सूर्य की आराधना पर जोर देना चाहिए। विनायक पाण्डेय, विभागाध्यक्ष  इंदौर शा.संस्कृत महाविद्यालय ने कल्प वेदांग पर चर्चा की साथ ही कहा कि ज्योतिषी का काम सही परामर्श देना है। वह दक्षिणा के आधार पर तय नहीं होना चाहिए। कोई पांच रुपए दे या 5000, हमें दोनों को ही उचित मार्गदर्शन करना चाहिए। पं रामचन्द्र शर्मा वैदिक ने बताया कि तिथि की मतभिन्नता पर काम करने की आवश्यकता है और हमें एक होकर तिथि निर्णय पर काम करना चाहिए। ज्योतिषी मनीष शर्मा ने कहा कि ज्योतिष का वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर प्रयोग करते हुए आज के उपाय बताने चाहिए। वो उपाय जो आम लोग कर सकें, जिनसे लोगों के जीवन में बदलाव आएं। शकुन का विचार इसमें आपकी मदद करेगा। कार्यक्रम में अध्यक्ष पं सुनील भार्गव समन्वयक डॉ अभिषेक पांडेय,आचार्य गोपाल बैरागी, मितेश मालवीय, डॉ. तुलसीदास परौहा, डॉ. उपेन्द्र भार्गव,  डॉ. अखिलेश द्विवेदी, डॉ संकल्प मिश्र, डॉ. पूजा उपाध्याय, उज्जैन से डॉ प्रदीप पंड्या, इंदौर से रामचन्द्र शर्मा वैदिक, डॉ संतोष भार्गव, दिनेश गुरुजी, महामंडलेश्वर 1008 प्रेमानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर डॉ राजकुमार अग्रवाल, अमृतसर से अन्नू भूटानी, एस्ट्रो प्रेरणा (टैरो विशेषज्ञ) निंबाहेड़ा राजस्थान से डॉ. प्रहलाद शास्त्री, भोपाल से प्रो. डॉ गणेश त्रिपाठी  सहित देशभर के 150 से अधिक ज्योतिषाचार्य और विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में मितेश मालवीय, अंकित दुबे, गौरव गुप्ता, नारायण वैष्णव, राकेश राठौर, अनुराग भटनागर, दिव्यांश शर्मा, विवेक शर्मा, आयुष पंडित ने विशेष सहयोग दिया।

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