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डिफेंस, ट्रेड, टेक्नोलॉजी.. भारत और जर्मनी के बीच इन 19 समझौतों पर बनी बात, जानें डिटेल्स Defense, trade, technology... India and Germany reached agreements on these 19 points; know the details.


जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर की गुजरात में मेजबानी की। इस दौरान भारत और जर्मनी के बीच सेमीकंडक्टर और एआई समेत 27 अहम मुद्दों पर बात बनी। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी। द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने पर संयुक्त इरादे की घोषणा हुई। भारत और जर्मनी ने रक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में अपने संबंधों को मजबूत करने का फैसला किया है। दोनों देशों के बीच 19 समझौते हुए। इसके अलावा, लोगों के बीच संपर्क, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और हरित विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए आठ अन्य घोषणाएं भी की गईं।

भारत जर्मनी डील की बड़ी बातें


पीएम मोदी और जर्मन चांसलर की अहम मुलाकात

भारत और जर्मनी के बीच हुई डील में एक खास बात यह है कि अब भारतीय पासपोर्ट धारकों को जर्मनी से होकर गुजरने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होगी। दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देश अपनी डिफेंस इंडस्ट्री के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक योजना पर काम करेंगे। इससे सह-विकास और सह-उत्पादन के नए अवसर खुलेंगे।

पीएम मोदी ने मर्ज से मुलाकात पर क्या कहा

पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण का प्रतीक है। मैं जर्मन चांसलर मर्ज का रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं। महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए चार समझौते किए गए।

भारत-जर्मनी के बीच 19 डील पर मुहर

इनमें सेमीकंडक्टर (ऐसे चिप्स जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होते हैं) और महत्वपूर्ण खनिज (जैसे लिथियम, कोबाल्ट जो बैटरी और अन्य तकनीकों के लिए जरूरी हैं) शामिल हैं। यह मुलाकात भारत और जर्मनी के बीच दोस्ती को और गहरा करने का एक बड़ा कदम है। दोनों देश मिलकर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगे। जानें भारत और जर्मनी के बीच किन-किन मुद्दों पर सहमति बनी।मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के फोरम की स्थापना करके द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने का ऐलान

संयुक्त भारत-जर्मनी आर्थिक और निवेश समिति के हिस्से के रूप में एकीकृत करने का फैसला हुआ

भारत-जर्मनी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पार्टनरशिप पर संयुक्त इरादे की घोषणा

महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग पर संयुक्त आशय घोषणा

दूरसंचार के क्षेत्र में सहयोग पर संयुक्त आशय घोषणा

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान और इनफिनियॉन टेक्नोलॉजीज एजी के बीच एमओयू पर साइन।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और चैरिटे विश्वविद्यालय, जर्मनी के बीच एमओयू।

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) और जर्मन टेक्निकल एंड साइंटिफिक एसोसिएशन फॉर गैस एंड वॉटर इंडस्ट्रीज (डीवीजीडब्ल्यू) के बीच एमओयू।

भारतीय कंपनी एएम ग्रीन और जर्मन कंपनी यूनिपर ग्लोबल कमोडिटीज के बीच ग्रीन अमोनिया के लिए ऑफटेक समझौता

जैव अर्थव्यवस्था पर अनुसंधान और विकास में संयुक्त सहयोग के लिए संयुक्त आशय की घोषणा

इंडो-जर्मन साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (आईजीएसटीसी) के समय को बढ़ाने पर जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (जेडीआई)

उच्च शिक्षा पर भारत-जर्मनी रोडमैप पर चर्चा

हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की फेयर, एथिकल और सस्टेनेबल भर्ती के लिए ग्लोबल स्किल पार्टनरशिप की फ्रेमवर्क शर्तों पर जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (जेडीआई)

हैदराबाद में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में रिन्यूएबल एनर्जी में स्किलिंग के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (जेडीआई)

नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (एनएमएचसी), लोथल, भारत के बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय और जर्मन मैरीटाइम म्यूजियम-लीबनिज इंस्टीट्यूट फॉर मैरीटाइम हिस्ट्री (डीएसएम), ब्रेमरहेवन, जर्मनी के बीच नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (एनएमएचसी), लोथल, गुजरात के विकास के लिए समझौता ज्ञापन

खेल में सहयोग के लिए ज्वाइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट

डाक सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग पर जेडीआई की घोषणा

डाक विभाग, संचार मंत्रालय और ड्यूश पोस्ट एजी के बीच जेडीआई

हॉकी इंडिया और जर्मन हॉकी फेडरेशन (ड्यूशर हॉकी-बंड ईवी) के बीच यूथ हॉकी डेवलपमेंट पर समझौता ज्ञापन

भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स के लिए जर्मनी से होकर जाने के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा

ट्रैक 1.5: विदेश नीति और सुरक्षा वार्ता की स्थापना

इंडो-पैसिफिक पर बाइलेटरल डायलॉग सिस्टम की स्थापना

भारत-जर्मनी डिजिटल वार्ता की कार्य योजना को अपनाना (2025-2027)

फ्लैगशिप द्विपक्षीय ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप (जीएसडीपी) के तहत 1.24 बिलियन यूरो की नई फंडिंग कमिटमेंट

रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, पीएम ई-बस सेवा और क्लाइमेट-रेजिलिएंट शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में प्राथमिक प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करती है।

दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश के लिए भारत-जर्मनी प्लेटफॉर्म के तहत बैटरी स्टोरेज वर्किंग ग्रुप का शुभारंभ

भारत-जर्मनी त्रिकोणीय विकास सहयोग के तहत घाना (बांस के डिजाइन और प्रसंस्करण के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी केंद्र), कैमरून (देशव्यापी आलू बीज नवाचार के लिए जलवायु अनुकूल आरएसी प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला), और मलावी (महिलाओं और युवाओं के लिए कृषि मूल्य श्रृंखला में तकनीकी नवाचार और उद्यमिता केंद्र) में परियोजनाओं का विस्तार

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