अमेरिका ने 9 अक्टूबर 2026 को ईरान से जुड़े तेल कारोबार के मामले में मुंबई की दो कंपनियों और पांच भारतीय नागरिकों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इन कंपनियों पर ईरान से पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में मदद करने का आरोप है। यह कार्रवाई ईरान की तेल से होने वाली कमाई रोकने के अमेरिकी अभियान का हिस्सा है।
जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें एसएसपीएल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और समुद्र मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इनके साथ जुड़े पांच भारतीय नागरिकों में ध्वनि वोरा, निसर्ग वोरा, केतन कोचिकर, भूपेंद्रसिंह साहू और हरीश्याम हरिहरन चुंडकट्टिल के नाम शामिल हैं। अमेरिकी कार्रवाई के तहत संबंधित कंपनियों से जुड़े लेनदेन पर भी रोक लगाई गई है।
समुद्र मरीन सर्विसेज को 23 अक्टूबर तक की मोहलत
अमेरिका ने समुद्र मरीन सर्विसेज को मौजूदा कारोबार समेटने के लिए 23 अक्टूबर तक सीमित अवधि की अनुमति दी है। इसके बाद प्रतिबंधों के प्रभाव से जुड़े नियम लागू होंगे।
भारत के लिए क्यों अहम है यह कार्रवाई?
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अमेरिका ईरान की तेल आय से होने वाली आमदनी पर दबाव बढ़ा रहा है। इससे संबंधित कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय कारोबार, भुगतान और व्यावसायिक साझेदारियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इन प्रतिबंधों से भारतीय तेल आपूर्ति या घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर कितना असर पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

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