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तनाव सिर्फ दिमाग पर नहीं, शरीर के इन हिस्सों पर भी डालता है असर; डॉक्टर ने बताया



भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव कब रोजमर्रा की आदत बन जाता है, कई बार इसका पता ही नहीं चलता। तनाव को अक्सर केवल मानसिक परेशानी माना जाता है, लेकिन इसका असर दिमाग के साथ शरीर के कई अंगों और उनकी कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है। खासकर जब तनाव लंबे समय तक बना रहे।


दिल और रक्तचाप: तनाव के दौरान शरीर में एड्रेनालिन और कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन बढ़ते हैं। इससे कुछ समय के लिए हृदय गति और रक्तचाप बढ़ सकता है। लंबे समय तक तनाव रहने पर हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।


पाचन तंत्र: तनाव का सीधा संबंध दिमाग और आंत के बीच मौजूद संचार तंत्र से है। इसलिए तनाव बढ़ने पर पेट में दर्द, अपच, गैस, दस्त या कब्ज जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।


मांसपेशियां और सिर: तनाव में शरीर की मांसपेशियां अनजाने में सिकुड़ सकती हैं। इससे गर्दन और कंधों में जकड़न, पीठ दर्द या तनाव से होने वाला सिरदर्द परेशान कर सकता है।


इम्यून सिस्टम: लगातार तनाव प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकता है। इसका असर शरीर की संक्रमण से निपटने की क्षमता और सूजन संबंधी प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है।


नींद और हार्मोन: तनाव नींद को प्रभावित करता है और खराब नींद फिर तनाव को बढ़ा सकती है। यह एक ऐसा चक्र बन सकता है जिसमें थकान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की समस्या बढ़ती जाती है।


इसलिए लगातार तनाव को सामान्य मानकर टालना ठीक नहीं। यदि तनाव के साथ लंबे समय तक शारीरिक लक्षण बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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