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गणेश चतुर्थी पर बप्पा को लगाएं पारंपरिक मोदक का भोग

 

14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। गणपति बप्पा को मोदक अत्यंत प्रिय माने जाते हैं, इसलिए गणेश उत्सव के दौरान घरों में विशेष रूप से पारंपरिक मोदक बनाए जाते हैं। इस अवसर पर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध उकडीचे मोदक प्रसाद के रूप में खास पहचान रखते हैं।



उकडीचे मोदक बनाने के लिए सबसे पहले चावल के आटे से नरम बाहरी आवरण तैयार किया जाता है। इसके भीतर ताजा कसा हुआ नारियल, गुड़ और इलायची से बनी मीठी भरावन भरी जाती है। इसके बाद मोदक को पारंपरिक आकार देकर भाप में पकाया जाता है।


सामग्री:

चावल का आटा, ताजा नारियल, गुड़, इलायची और थोड़ा घी।


बनाने की विधि:

गुड़ और नारियल को धीमी आंच पर पकाकर मिश्रण तैयार करें। दूसरी ओर गर्म पानी से चावल के आटे का मुलायम आटा गूंधें। इसकी छोटी लोई बनाकर कटोरी जैसा आकार दें और उसमें नारियल-गुड़ की भरावन भरें। ऊपर से मोदक का पारंपरिक आकार बनाकर करीब 10 से 15 मिनट तक भाप में पकाएं।


तैयार गर्मागर्म उकडीचे मोदक गणपति बप्पा को भोग के रूप में अर्पित किए जा सकते हैं। स्वाद और परंपरा से भरपूर यह प्रसाद गणेश उत्सव की रौनक को और खास बना देता है।

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