नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का असर अब आम जनजीवन से लेकर सरकारी कामकाज तक दिखाई देने लगा है। 11 से 13 सितंबर तक प्रस्तावित सम्मेलन के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर कई बड़े बदलाव किए गए हैं
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सबसे बड़ा असर होटल कारोबार पर पड़ा है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, राजनयिकों और प्रतिनिधिमंडलों के दिल्ली पहुंचने से होटल कमरों की मांग अचानक बढ़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार जिन कमरों का सामान्य किराया करीब 18 हजार रुपये प्रति रात के आसपास रहता था, उनमें से कई अब 80 हजार रुपये या उससे अधिक में उपलब्ध बताए जा रहे हैं। कुछ लग्जरी सुइट्स के किराये तो लाखों रुपये तक पहुंचने की खबर है।
11 सितंबर को दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल बंद रहेंगे। शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए आदेश जारी किया है।
सम्मेलन का असर जीएसटी परिषद की बैठक पर भी पड़ा है। 12 सितंबर को प्रस्तावित 57वीं बैठक अब 7 अक्टूबर 2026 को होने की जानकारी सामने आई है। 5 और 6 अक्टूबर को अधिकारियों की तैयारियों से जुड़ी बैठकें प्रस्तावित हैं।
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाने के साथ कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव और निगरानी बढ़ाई जा रही है। सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों की आवाजाही को देखते हुए राजधानी में विशेष सुरक्षा इंतजाम रहेंगे।
**एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी ने दिल्ली को चमका तो दिया है, लेकिन उसकी कीमत होटल के कमरे, ट्रैफिक व्यवस्था और रोजमर्रा की गतिविधियों में भी दिखाई देने लगी है।**

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