चेन्नई। भारतीय वायुसेना ने एयरबेस और महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों की जमीनी सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वायुसेना स्टेशन अवाडी में ग्राउंड डिफेंस कॉलेज की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य वायुसेना कर्मियों को जमीनी सुरक्षा और युद्ध परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण देना है।
कॉलेज का उद्घाटन 7 सितंबर को एयर मार्शल एस. शिवकुमार ने किया। उद्घाटन के साथ ही नए संस्थान में पहला ग्राउंड कॉम्बैट कोर्स भी शुरू कर दिया गया। इसके जरिए कर्मियों को एयरबेस और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा।
वायुसेना के लिए एयरबेस की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि आधुनिक हवाई अभियानों की क्षमता केवल लड़ाकू विमानों और हथियार प्रणालियों पर निर्भर नहीं करती। यदि किसी एयरबेस की जमीनी सुरक्षा कमजोर हो तो वहां से संचालित हवाई अभियानों की निरंतरता प्रभावित हो सकती है।
नए कॉलेज में जमीनी रक्षा, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न खतरे की परिस्थितियों में कार्रवाई से जुड़े प्रशिक्षण पर जोर रहेगा। उद्घाटन कार्यक्रम में विभिन्न सैन्य और नागरिक सुरक्षा संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी हुई, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और अनुभव साझा करने की जरूरत सामने आई।
अवाडी पहले से ही वायुसेना के प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां वायुसेना पुलिस एवं सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान भी संचालित होता है।
संदेश साफ है—आसमान की रक्षा के साथ अब एयरबेस की जमीन पर सुरक्षा कवच को भी और मजबूत किया जा रहा है।

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