सुबह की चाय हो या दिनभर की कॉफी—कई लोगों को इसे इतना गर्म पीने की आदत होती है कि कप से भाप निकलती रहे और वे तुरंत घूंट लेना पसंद करते हैं। लेकिन समस्या चाय या कॉफी से ज्यादा उसके तापमान की हो सकती है।
हालिया ब्रिटिश अध्ययन में करीब 9.8 लाख लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि बहुत गर्म पेय पीने वालों में एसोफैगल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा यानी खाने की नली के एक प्रकार के कैंसर का जोखिम अधिक था। अध्ययन में तापमान और पेय पीने की आवृत्ति दोनों का संबंध जोखिम से देखा गया।
यह बात पूरी तरह नई भी नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर एजेंसी IARC ने 2016 में 65 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर पिए जाने वाले बहुत गर्म पेय को मनुष्यों के लिए “संभावित रूप से कैंसरकारी” यानी Group 2A में रखा था। इसका अर्थ यह नहीं है कि गर्म चाय पीते ही कैंसर हो जाएगा, बल्कि लंबे समय तक बहुत गर्म पेय पीने और खाने की नली के कैंसर के बीच संभावित संबंध के प्रमाण मिले हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक गर्म तरल पदार्थ बार-बार खाने की नली की अंदरूनी परत को थर्मल चोट पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक होने वाली ऐसी चोट और सूजन कैंसर के विकास में भूमिका निभा सकती है।
क्या करें? चाय या कॉफी को उबलते हुए तुरंत पीने के बजाय कुछ देर ठंडा होने दें। खासकर धूम्रपान और शराब जैसी अन्य ज्ञात जोखिम वाली आदतों के साथ बहुत गर्म पेय से बचना और भी महत्वपूर्ण है।
यानी **चाय छोड़ने की जरूरत नहीं, लेकिन उसे बहुत गर्म पीने की आदत जरूर छोड़नी चाहिए।**
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