दिल की धड़कन अचानक तेज होना, सांस फूलना, जल्दी थक जाना या चक्कर आना कई कारणों से हो सकता है। इनमें माइट्रल वाल्व प्रोलैप्स भी एक कारण है। यह हृदय के माइट्रल वाल्व से जुड़ी स्थिति है, जिसमें वाल्व की पत्तियां सामान्य तरीके से बंद होने के बजाय हृदय के ऊपरी कक्ष की ओर उभर जाती हैं।
कई लोगों में यह समस्या बिना किसी लक्षण के रहती है और संयोग से जांच के दौरान पता चलती है। लेकिन कुछ मरीजों में दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना, सांस फूलना, थकान, चक्कर और सीने में दर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
इस स्थिति में कभी-कभी वाल्व पूरी तरह बंद नहीं हो पाता और खून का कुछ हिस्सा वापस हृदय के ऊपरी कक्ष में जाने लगता है। इसे माइट्रल वाल्व से रक्त का रिसाव कहा जाता है। यदि रिसाव अधिक हो जाए तो समय के साथ हृदय पर दबाव बढ़ सकता है और सांस की परेशानी बढ़ सकती है।
माइट्रल वाल्व प्रोलैप्स की जांच के लिए हृदय की ध्वनि तरंग जांच यानी इकोकार्डियोग्राफी प्रमुख जांच है। अधिकांश मरीजों में किसी विशेष उपचार की जरूरत नहीं होती और समय-समय पर निगरानी पर्याप्त रहती है। गंभीर स्थिति में दवाओं या वाल्व की मरम्मत की जरूरत पड़ सकती है।
अचानक तेज सांस फूलना, बेहोशी, तेज सीने का दर्द या लगातार अनियमित धड़कन महसूस हो तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तुरंत चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

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