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आईटीआर भरने के कई दिन बाद भी नहीं मिला टैक्स रिफंड? घर बैठे ऐसे चेक करें स्टेटस, जानें अटकने की वजह



आयकर रिटर्न यानी आईटीआर दाखिल करने के बाद अगर रिफंड का पैसा तुरंत बैंक खाते में नहीं आया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। आयकर विभाग के अनुसार, रिटर्न के ई-सत्यापन के बाद सामान्यतः रिफंड खाते में आने में 4 से 5 सप्ताह तक का समय लग सकता है।


घर बैठे कैसे चेक करें रिफंड?


करदाता आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करके अपने रिफंड की स्थिति देख सकते हैं। विभाग के मुताबिक पोर्टल पर रिटर्न की प्रोसेसिंग स्थिति और रिफंड जारी होने की स्थिति देखी जा सकती है।


लॉगिन करने के बाद रिटर्न से जुड़ी जानकारी में जाकर संबंधित आकलन वर्ष का आईटीआर चुनें। वहां रिटर्न की प्रोसेसिंग और रिफंड से जुड़ी स्थिति दिखाई जा सकती है।


रिफंड क्यों अटक सकता है?


रिफंड में देरी का एक कारण रिटर्न का अभी प्रोसेस नहीं होना हो सकता है। इसके अलावा बैंक खाते से जुड़ी जानकारी में समस्या, बैंक खाते का सत्यापन लंबित होना, रिफंड राशि और विभाग के रिकॉर्ड में अंतर या कर संबंधी किसी अतिरिक्त जांच के कारण भी भुगतान में देरी हो सकती है।


इसलिए सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आईटीआर ई-सत्यापित हुआ है या नहीं और रिटर्न की प्रोसेसिंग पूरी हुई है या नहीं। आयकर विभाग के अनुसार, रिटर्न दाखिल करने के बाद उसका ई-सत्यापन या आईटीआर-वी जमा करना 30 दिनों के भीतर जरूरी है।


बैंक खाते की जानकारी भी जांचें


रिफंड के लिए बैंक खाते का सही और वैध होना जरूरी है। आयकर विभाग के पोर्टल पर बैंक खाते की स्थिति भी जांची जा सकती है। विभाग के अनुसार बैंक खाते के सत्यापन की स्थिति ई-फाइलिंग खाते में अपडेट होने में 10 से 12 कार्यदिवस लग सकते हैं।


याद रखें: सिर्फ आईटीआर दाखिल कर देने से रिफंड तुरंत जारी नहीं होता। पहले रिटर्न का ई-सत्यापन, फिर विभाग द्वारा प्रोसेसिंग और उसके बाद रिफंड जारी होने की प्रक्रिया पूरी होती है। अगर 4–5 सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, तो पोर्टल पर रिफंड की स्थिति और किसी लंबित सूचना या समस्या को जरूर जांचें।

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