इंदौर में पूरे ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन की मांग को लेकर भाजपा नेता नानूराम कुमावत ने कांग्रेस को घेरा, लेकिन पत्रकारों के सामने खुद पूरा राष्ट्रगीत नहीं गा सके। उनसे जब ‘वंदे मातरम’ सुनाने को कहा गया तो वे कई जगह शब्दों और पंक्तियों में अटक गए। इसके बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
नानूराम कुमावत ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और राहुल गांधी को पत्र भेजकर इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत या समापन पूरे ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन से कराने की मांग की थी। उनका तर्क था कि युवाओं के बीच राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत करने के लिए पूरे राष्ट्रगीत का गायन होना चाहिए।
लेकिन इसी मांग के बीच जब पत्रकारों ने उनसे स्वयं पूरा राष्ट्रगीत गाने को कहा तो वे उसे पूरा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कारण लोगों को ‘वंदे मातरम’ के सभी छंद याद नहीं हैं। इस जवाब के बाद सवाल यह उठ रहा है कि जिस पूर्ण राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन की मांग को लेकर राजनीतिक अभियान चलाया जा रहा है, उसके लिए खुद कितनी तैयारी है?
नानूराम का पुराना रिकॉर्ड भी अब सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है। अक्टूबर 2025 में इंदौर के कुमावत समाज के दीपावली मिलन समारोह का उनका डांस वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में वे मंच पर डांस करते नजर आए थे। इस पर समाज के एक वर्ग ने आपत्ति जताई थी। नानूराम ने तब इसे पारंपरिक लोकनृत्य बताते हुए अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश करार दिया था।
नानूराम लंबे समय तक संघ से जुड़े रहे हैं और पुरानी रिपोर्टों में उन्हें संघ से भाजपा में आए नेता तथा संघ में महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके व्यक्ति के रूप में बताया गया है। इसलिए ‘वंदे मातरम’ के मौजूदा विवाद ने उनके पुराने राजनीतिक और सामाजिक रिकॉर्ड को भी बहस के केंद्र में ला दिया है।
सवाल अब सीधा है—पूरे राष्ट्रगीत की मांग करने वाले नानूराम खुद उसे पूरा क्यों नहीं गा सके?

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