सियोल। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दक्षिण कोरिया भी सक्रिय हो गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सियोल साल खत्म होने से पहले क्षेत्र में सैन्य संसाधन भेजने की तैयारी कर रहा है। हालांकि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने साफ किया है कि अभी तैनाती का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
रिपोर्टों के अनुसार संभावित विकल्पों में समुद्री गश्ती विमान, रसद सहायता पोत और समुद्री सुरंगों की पहचान एवं सफाई करने वाली इकाई शामिल हैं। सरकार कथित तौर पर संसद से मंजूरी लेने की प्रक्रिया पर भी विचार कर रही है। दक्षिण कोरियाई कानून के तहत विदेश में सैन्य तैनाती के लिए राष्ट्रीय संसद की स्वीकृति जरूरी है।
होर्मुज दक्षिण कोरिया के लिए सिर्फ सैन्य रणनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा सवाल भी है। पिछले वर्ष दक्षिण कोरिया के कच्चे तेल के आयात का करीब 61 प्रतिशत और नैफ्था आयात का लगभग 54 प्रतिशत इसी जलमार्ग से आया था। इसलिए समुद्री मार्ग बाधित होने का सीधा असर उसकी अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
दक्षिण कोरिया अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ भी संभावित भूमिका को लेकर चर्चा कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित मिशन का उद्देश्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना हो सकता है, न कि ईरान के खिलाफ सीधे युद्ध में उतरना।

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