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इंदौर के 31 अस्पतालों की अनुमति पर हाईकोर्ट में PIL, फर्जी दस्तावेज से लेकर आवासीय भवन में अस्पताल चलाने तक के मुद्दे

 

इंदौर। बौद्धिक प्रतिकार


इंदौर के निजी अस्पतालों में पंजीयन, भवन अनुमति और फायर सेफ्टी से जुड़े गंभीर सवालों को लेकर दायर जनहित याचिका में अब 31 अस्पतालों की स्थिति हाईकोर्ट के सामने रखी गई है। WP/43837/2025 में याचिकाकर्ता चर्चित शास्त्री ने 31 अगस्त 2026 के हाईकोर्ट आदेश के पालन में अस्पतालवार वर्तमान स्थिति का Synopsis प्रस्तुत किया है। दस्तावेज के मुताबिक कई अस्पतालों को लेकर भवन अनुमति, पंजीयन और अग्नि सुरक्षा संबंधी आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं।



याचिकाकर्ता के अनुसार Aviral, Tulsi Vardan, Al Hayat, Star Health Care, Shifa और Nahar Care समेत कई अस्पतालों के भवन अनुमति दस्तावेजों को फर्जी बताया गया। Aviral, Ayushman, Star Health Care, Shifa और Citizan अस्पतालों के पंजीयन को लेकर भी सवाल दर्ज किए गए। Royal Care और Breath Care के फायर सेफ्टी दस्तावेजों पर भी आपत्ति जताई गई।


सबसे बड़ा सवाल भवन के उपयोग को लेकर सामने आया। Gitanjanli, Shreepad, Pulse, Musk, Shreeji, Nakshatra, Zenith और Sundaram अस्पतालों के संबंध में Synopsis में आवासीय भवन की अनुमति होने की बात दर्ज है। Metro Hospital के भवन की अनुमति स्कूल के लिए और City Nursing Home के भवन की अनुमति धर्मशाला के लिए होने का उल्लेख है।


हालांकि मामला केवल कमियों तक सीमित नहीं है। Prashanti, Choudhary, Multani, Anand और Nirmala अस्पतालों की फायर सेफ्टी अनुमति बाद में नवीनीकृत होने की जानकारी भी याचिकाकर्ता ने अदालत के सामने रखी है। Shreehari, Dwarkadhish और H.J. Memorial अस्पतालों के बंद होने की जानकारी भी रिकॉर्ड में है।


अब अदालत के सामने मूल सवाल यह है कि दर्ज की गई कमियों और बाद की अनुपालना को देखते हुए संबंधित अस्पतालों की वैधानिक स्थिति पर क्या कार्रवाई तय होती है।

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