नई दिल्ली। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की कोशिश के बीच पाकिस्तान स्थित कथित ISI हैंडलर शाहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों का अलर्ट चिंता बढ़ा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों पर कार्रवाई के बावजूद संभावित रेकी, हमले और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को लेकर दिल्ली-एनसीआर में निगरानी बढ़ाई गई है।
भट्टी का नाम इससे पहले भी भारत में कथित आतंकी मॉड्यूल और पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क की जांच में सामने आ चुका है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उसके नेटवर्क से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है और 253 लोगों की हिरासत का आंकड़ा भी सामने आया है। सवाल यही है कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद भी सुरक्षा एजेंसियों को नए खतरे की आशंका क्यों बनी हुई है?
BRICS सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली में करीब 25 हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, NSG कमांडो, एंटी-ड्रोन सिस्टम और संवेदनशील मार्गों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है।
अब चुनौती सिर्फ संदिग्धों को पकड़ने की नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को खत्म करने की है जो कथित तौर पर सीमा पार बैठे हैंडलरों, स्थानीय संपर्कों, रेकी और डिजिटल माध्यमों के जरिए सक्रिय हो सकता है।

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