चंडीगढ़। पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी मसौदा मतदाता सूची ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम सूची में ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ श्रेणी में डाल दिया गया है। चड्ढा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं
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चड्ढा का कहना है कि उनका मतदाता पहचान पत्र मोहाली में पंजीकृत है और वह पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें स्थानांतरित किसने चिह्नित किया और सत्यापन से लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने तक जिम्मेदारी किसकी थी। उनका दावा है कि चुनावी प्रक्रिया में लगे अधिकारी राज्य सरकार के प्रशासनिक ढांचे से जुड़े होते हैं, इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों में जनप्रतिनिधियों के लिए कथित सुरक्षा प्रावधान का भी हवाला दिया है।
वहीं आप ने आरोपों को सिरे से खारिज कर पलटवार किया है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण चुनाव आयोग की प्रक्रिया है और पंजाब सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। आप ने उल्टा चड्ढा पर दिल्ली की मतदाता सूची में कथित तौर पर पिछली तारीख से नाम दर्ज कराने की कोशिश का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सबसे बड़ा सवाल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर है, जो पुनरीक्षण से पहले के मतदाताओं का करीब 9.7 प्रतिशत है। यह अभी मसौदा सूची है और प्रभावित मतदाताओं को दावे-आपत्ति के जरिए नाम वापस जुड़वाने का मौका दिया गया है।

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