बाल झड़ना अब सिर्फ उम्र बढ़ने की समस्या नहीं रह गई है। आनुवंशिक कारणों से पुरुषों में पैटर्न हेयर लॉस किशोरावस्था के बाद या 20 की उम्र के आसपास भी शुरू हो सकता है। इसी दौर में सोशल मीडिया और परफेक्ट लुक का दबाव कई युवाओं को हेयर ट्रांसप्लांट की ओर ले जा रहा है। लेकिन विशेषज्ञों की चिंता यह है कि कम उम्र में सर्जरी कराने से पहले यह समझना जरूरी है कि आगे बाल कितने और कहां से झड़ सकते हैं।
हेयर ट्रांसप्लांट में सिर के एक हिस्से से स्वस्थ बालों की जड़ों को निकालकर गंजे या पतले हिस्से में लगाया जाता है। समस्या यह है कि ट्रांसप्लांट किए गए बाल अपेक्षाकृत टिकाऊ हो सकते हैं, लेकिन आसपास के प्राकृतिक बाल भविष्य में झड़ते रह सकते हैं। ऐसे में कुछ साल बाद ट्रांसप्लांट किए गए हिस्से और प्राकृतिक बालों के बीच असमान घनत्व दिखाई दे सकता है और आगे दूसरी सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
दूसरा खतरा डोनर एरिया का है। जरूरत से ज्यादा ग्राफ्ट निकालने पर पीछे या सिर के किनारों के बालों की घनत्व कम हो सकती है, दाग दिखाई दे सकते हैं और कुछ नुकसान स्थायी भी हो सकता है। गलत तकनीक या अनुभवहीन व्यक्ति द्वारा प्रक्रिया किए जाने पर खराब हेयरलाइन, असमान ग्रोथ और अस्वाभाविक लुक जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
इसीलिए 20–25 की उम्र में हर हेयर लॉस के लिए सीधे ट्रांसप्लांट समाधान नहीं है। पहले यह पता लगाना जरूरी है कि बाल क्यों झड़ रहे हैं। कई मामलों में दवाओं और अन्य उपचारों से बालों का झड़ना धीमा किया जा सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी युवा पुरुषों में ट्रांसप्लांट से पहले हेयर लॉस के कारण और भविष्य की स्थिति का आकलन करने की सलाह देती है।
युवाओं के लिए असली सवाल यह नहीं कि “ट्रांसप्लांट कितनी जल्दी हो सकता है”, बल्कि यह है कि “आज लिए गए फैसले के बाद 10–15 साल बाद बाल कैसे दिखेंगे।”

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