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गोल्डमैन सैक्स की बड़ी चेतावनी: 120 डॉलर के पार जा सकता है कच्चा तेल, फिर बढ़ेगी महंगाई की मार

 


अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार की चिंता फिर बढ़ा दी है। सबसे बड़ा खतरा हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने का है। इसी बीच गोल्डमैन सैक्स ने चेतावनी दी है कि अगर मध्य-पूर्व में जहाजों पर हमले और आपूर्ति में रुकावट बढ़ती है तो ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। 



फिलहाल बाजार में इसका असर दिखाई दे रहा है। हालिया कारोबार में ब्रेंट करीब 98-99 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है और वहां लंबे समय तक व्यवधान से कच्चे तेल की उपलब्धता पर सीधा दबाव पड़ सकता है। 


हालांकि 120 डॉलर का स्तर गोल्डमैन सैक्स का मुख्य अनुमान नहीं, बल्कि जोखिम वाला परिदृश्य है। बैंक का आकलन है कि यदि क्षेत्रीय तेल निर्यात सामान्य हो जाता है तो कीमतें लगभग 80 डॉलर तक नीचे आ सकती हैं। दूसरी ओर, लगातार हमले और आपूर्ति बाधित रहने पर कीमत तेजी से ऊपर जा सकती है। 


भारत के लिए यह चिंता इसलिए भी बड़ी है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। अंतरराष्ट्रीय कीमत बढ़ने पर पेट्रोल-डीजल, परिवहन, माल ढुलाई और उत्पादन लागत पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई पर भी पड़ने की आशंका रहती है।


यानी असली सवाल सिर्फ यह नहीं कि तेल 120 डॉलर पहुंचेगा या नहीं, बल्कि यह है कि मध्य-पूर्व का संकट कितने समय तक चलता है। लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रही तो महंगे तेल की मार आम उपभोक्ता तक पहुंच सकती है।

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