पश्चिम बंगाल की राजनीति में नेशनल सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के भीतर मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। हाल के घटनाक्रम में तीन मुस्लिम सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जबकि पार्टी के भीतर भाजपा और एनडीए के साथ रिश्तों को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।
क्या है पूरा मामला?
तीन मुस्लिम सांसदों—यूसुफ पठान, अबू ताहेर खान और खलीलुर रहमान—ने अमित शाह से मुलाकात कर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की।
ये तीनों हाल के दिनों में एनडीए की बैठकों से दूरी बनाए हुए थे, जिससे पार्टी के भीतर मतभेद की अटकलों को बल मिला।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए कुछ अन्य बागी नेताओं के भाजपा के साथ आगे बढ़ने की इच्छा जताने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे एनसीपीआई के भीतर अलग-अलग राजनीतिक रणनीतियों की चर्चा तेज है।
राजनीतिक संकेत
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि एनसीपीआई औपचारिक रूप से भाजपा या एनडीए में शामिल होगी।
पार्टी के अलग-अलग सांसदों के रुख से यह संकेत जरूर मिल रहा है कि आगे की राजनीतिक दिशा को लेकर अंदरूनी मतभेद बने हुए हैं।

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