नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से हथकरघा उत्पादों को अपनाने और स्थानीय बुनकरों का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हथकरघा केवल वस्त्र नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का आधार है।
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक हथकरघा से बने वस्त्र और अन्य उत्पाद खरीदें तथा उन्हें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उनका कहना था कि इससे स्थानीय कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, पारंपरिक शिल्प को संरक्षण मिलेगा और "वोकल फॉर लोकल" तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे भारतीय हथकरघा उत्पादों को फैशन और जीवनशैली का हिस्सा बनाकर देश के बुनकरों का उत्साह बढ़ाएं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि जनभागीदारी से भारत की समृद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा परंपरा को नई पहचान मिलेगी।

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