अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह से कथित तौर पर जुड़े एक भारतीय नागरिक को अपनी वांटेड सूची में शामिल किया है। एजेंसी के अनुसार कमल नाम के इस व्यक्ति पर जबरन वसूली के जरिए कारोबार में हस्तक्षेप करने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
एफबीआई के आरोपों के मुताबिक कमल ने कथित रूप से बिश्नोई समूह से जुड़े अन्य लोगों के साथ मिलकर अमेरिका में कारोबारी गतिविधियों को प्रभावित करने और धमकी के जरिए धन वसूलने की साजिश में भूमिका निभाई। अमेरिकी एजेंसी ने इस मामले को संगठित अपराध से जोड़कर देखा है।
मामले में एफबीआई ने कमल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। एजेंसी की वांटेड सूची में नाम शामिल होने का अर्थ यह है कि अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियां उसकी तलाश कर रही हैं और उसकी गिरफ्तारी के लिए सार्वजनिक मदद भी मांगी जा सकती है।
लॉरेंस बिश्नोई का नाम भारत में कई आपराधिक मामलों और संगठित अपराध से जुड़े आरोपों के कारण लंबे समय से चर्चा में रहा है। विदेशों में सक्रिय कथित सहयोगियों को लेकर भी भारतीय और विदेशी एजेंसियां जांच करती रही हैं।
हालांकि, कमल के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। किसी वांटेड सूची में नाम होना अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है। अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
इस मामले का अंतरराष्ट्रीय पहलू इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका में कथित आपराधिक गतिविधियों और भारत से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क के बीच संबंधों की जांच अब अमेरिकी एजेंसियों की नजर में भी आ गई है।

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