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देहरादून में निवेश के नाम पर बड़ा खेल: क्रिप्टो-फॉरेक्स के जाल में सैकड़ों लोग, करोड़ों की रकम फंसी

 

देहरादून में क्रिप्टोकरेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों को कथित तौर पर ऊंचे रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये जुटाने का मामला सामने आया है। हालिया शिकायत के मुताबिक, देहरादून क्षेत्र के करीब 140 से 160 लोग इस नेटवर्क से प्रभावित बताए जा रहे हैं और रकम करीब 12 करोड़ रुपये तक पहुंचने का आरोप है।



आरोप है कि लवीश चौधरी उर्फ नवाब अली और उससे जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप समूहों, बैठकों और सेमिनारों के जरिए निवेशकों को जोड़ा। बोटब्रो, यॉर्कर एफएक्स, टीएलसी कॉइन और माइन क्रिप्टो जैसे ऑनलाइन मंचों के जरिए स्वचालित क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग में हर महीने करीब 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न का भरोसा दिलाए जाने की बात शिकायत में कही गई है।


शुरुआत में निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए भुगतान किया गया, लेकिन बाद में रकम निकालने की सुविधा कथित तौर पर बंद कर दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी विदेश चला गया। पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद रायपुर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच में बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है।


चौंकाने वाली बात यह है कि देहरादून में इसी नेटवर्क से जुड़े करीब 25 करोड़ रुपये की कथित ठगी का एक अन्य मामला पहले भी सामने आ चुका है और उसकी जांच विशेष कार्यबल को सौंपी गई है। पुलिस सूत्रों के हवाले से इसे देशभर में फैले बड़े निवेश नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है।


सवाल सिर्फ निवेशकों की रकम का नहीं है। सवाल यह है कि ऊंचे और लगभग तय रिटर्न का लालच दिखाकर इतने बड़े नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर प्रचार, सेमिनार और निवेश जुटाने की छूट कैसे मिलती रही? अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल रकम का पता लगाना नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क, उसके स्थानीय एजेंटों और धन के अंतिम ठिकाने तक पहुंचना है।

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