नई दिल्ली। अच्छी नींद के लिए तकिया जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसका सही चुनाव भी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गलत ऊंचाई या अत्यधिक मुलायम अथवा सख्त तकिया गर्दन, कंधे और कमर के दर्द की वजह बन सकता है। लंबे समय तक गलत तकिया इस्तेमाल करने से रीढ़ की हड्डी का प्राकृतिक संतुलन भी प्रभावित हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि तकिया ऐसा होना चाहिए जो सिर, गर्दन और रीढ़ को एक सीध में रखे। बहुत ऊंचा तकिया गर्दन को आगे की ओर झुका देता है, जबकि बहुत पतला तकिया पर्याप्त सहारा नहीं दे पाता। दोनों ही स्थितियों में सुबह उठने पर गर्दन में अकड़न, कंधों में दर्द और पीठ में परेशानी हो सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि करवट लेकर सोने वाले लोग मध्यम ऊंचाई वाला तकिया चुनें, जबकि पीठ के बल सोने वालों के लिए पतला या मध्यम ऊंचाई का तकिया अधिक उपयुक्त माना जाता है। पेट के बल सोने की आदत से बचना चाहिए, क्योंकि इससे गर्दन और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
यदि सुबह उठने पर लगातार गर्दन, कंधे या कमर में दर्द महसूस हो, बार-बार सिरदर्द हो या हाथों में झनझनाहट की शिकायत रहे, तो तकिया बदलने के साथ डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना भी जरूरी है। सही तकिया और सही सोने की मुद्रा न केवल दर्द से बचाती है, बल्कि नींद की गुणवत्ता भी बेहतर बनाती है।

Post a Comment