नई दिल्ली। रात के समय हाईवे पर वाहन चलाते हुए सामने से आने वाले वाहनों की हाई-बीम हेडलाइट कई बार आंखों को चकाचौंध कर देती है। इससे कुछ क्षणों के लिए देखने की क्षमता प्रभावित होती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय सही ड्राइविंग तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सामने से तेज रोशनी आने पर सीधे हेडलाइट में देखने के बजाय अपनी नजर सड़क के बाईं ओर बनी सफेद लाइन या किनारे पर रखें। इससे आंखों पर पड़ने वाला तेज प्रकाश कम महसूस होता है और वाहन पर नियंत्रण भी बना रहता है।
रात में हमेशा विंडशील्ड और वाहन के शीशों को साफ रखें, क्योंकि धूल या धब्बे तेज रोशनी को और अधिक फैला देते हैं। यदि सामने से आने वाली रोशनी के कारण कुछ देर तक साफ दिखाई न दे, तो वाहन की गति कम कर दें और आगे बढ़ने में सावधानी बरतें।
यदि आप चश्मा पहनते हैं, तो एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग वाले लेंस मददगार हो सकते हैं। लंबे सफर के दौरान बीच-बीच में विश्राम करना भी जरूरी है, क्योंकि थकी हुई आंखें तेज रोशनी से अधिक प्रभावित होती हैं।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अनावश्यक रूप से हाई-बीम का उपयोग न करें और जरूरत पड़ने पर लो-बीम का इस्तेमाल करें। जिम्मेदार ड्राइविंग न केवल आपकी, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।

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