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आईटी शेयरों पर फिर बढ़ा दबाव, टीसीएस-इंफोसिस को लेकर सीएलएसए ने दी चेतावनी

 

भारतीय आईटी क्षेत्र के लिए एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से पैदा हो रहे बदलाव, कमजोर मांग और कारोबार के बदलते तरीके को देखते हुए कई बड़ी आईटी कंपनियों पर अपना रुख नरम किया है। सीएलएसए ने टीसीएस, इंफोसिस और टेक महिंद्रा को ‘होल्ड’ रेटिंग दी, जबकि विप्रो और एमफैसिस को ‘अंडरपरफॉर्म’ किया है।



ब्रोकरेज के मुताबिक आईटी कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कृत्रिम बुद्धिमत्ता से आने वाला मूल्य और लागत दबाव है। एआई के कारण कई पारंपरिक आईटी सेवाओं को कम समय और कम लागत में पूरा किया जा सकता है। इससे कंपनियों की आमदनी और लाभ मार्जिन पर दबाव बनने की आशंका है। इसके अलावा ग्राहक अपनी तकनीकी जरूरतों के लिए खुद की वैश्विक क्षमता केंद्र भी तैयार कर रहे हैं, जिससे बाहरी आईटी कंपनियों पर निर्भरता प्रभावित हो सकती है।


हालांकि तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। सीएलएसए ने कुछ मध्यम आकार की आईटी कंपनियों को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। कोफोर्ज, परसिस्टेंट सिस्टम्स, हेक्सावेयर और एलटीआईमाइंडट्री को बेहतर संभावनाओं वाली कंपनियों में माना गया है।


क्रिसिल ने भी जुलाई में भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र की वृद्धि को इस वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में महज 1 से 3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। रिपोर्ट में एआई व्यवधान और कमजोर विवेकाधीन खर्च को प्रमुख कारण बताया गया।


इसलिए फिलहाल आईटी क्षेत्र में गिरावट की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। लेकिन इसे पूरे क्षेत्र के पतन के रूप में देखना भी जल्दबाजी होगी। असली सवाल यह है कि कौन-सी कंपनियां एआई से पैदा होने वाले दबाव को अपने लिए नए कारोबार में बदल पाती हैं।

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