भोपाल। मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना को राजनीतिक और सामाजिक पहचान देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को लेकर तीन बड़े संकल्प सामने रखे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना जरूरी है।
शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहनों के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि रक्षाबंधन उनके लिए केवल भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण का संकल्प लेने का अवसर भी है।
उनके एजेंडे में महिला आर्थिक सशक्तीकरण को प्रमुख स्थान दिया गया है। लक्ष्य यह है कि अधिक से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने के बाद उससे आगे बढ़कर ‘मिलेनियम दीदी’ यानी बड़े स्तर पर आर्थिक रूप से सक्षम महिला उद्यमी बनें।
तीसरे बड़े फोकस के तौर पर महिलाओं को स्वरोजगार, छोटे व्यवसाय और आजीविका के अवसरों से जोड़ने की बात सामने आई है। इसके पीछे सोच यही है कि सरकारी सहायता महिलाओं के हाथ में स्थायी आय और संपत्ति बनाने का माध्यम बने।
शिवराज के इस रक्षाबंधन संदेश का राजनीतिक महत्व भी कम नहीं है। मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना लंबे समय से महिला मतदाताओं के बीच भाजपा की प्रमुख योजनाओं में गिनी जाती है। अब आर्थिक आत्मनिर्भरता का मुद्दा इसके अगले चरण के रूप में पेश किया जा रहा है।
रक्षाबंधन पर शिवराज का यह संकल्प साफ संकेत देता है कि महिला कल्याण की राजनीति अब केवल मासिक सहायता तक सीमित नहीं रहना चाहती। असली चुनौती यह होगी कि कितनी महिलाएं सरकारी योजनाओं के सहारे वास्तव में स्थायी आय, कारोबार और आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर पाती हैं।

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