नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिवों के साथ पहली संगठनात्मक बैठक की। बैठक तीन घंटे से अधिक चली और इसमें आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति तथा संगठन को चुनावी मोर्चे पर सक्रिय करने के रोडमैप पर चर्चा हुई।
बैठक में उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत उन राज्यों पर विशेष चर्चा हुई, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनावी राज्यों में है, जबकि पंजाब में पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की चुनौती है। हालिया संकेतों के मुताबिक पंजाब में भाजपा सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
नई टीम में स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े और सतीश पूनिया समेत कई वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष भी बैठक में मौजूद रहे।
भाजपा की नजर सिर्फ चुनावी गणित पर नहीं, बल्कि जमीनी संपर्क और युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने पर भी है। 2027 में उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और हिमाचल प्रदेश समेत सात राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में नबीन की नई टीम के सामने संगठन को सक्रिय करने से लेकर स्थानीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों को साधने तक बड़ी जिम्मेदारी होगी।
**सवाल अब यही है—नई टीम भाजपा के चुनावी किले को मजबूत करेगी या कुछ राज्यों में संगठन की कमजोरियां ही सबसे बड़ी चुनौती बनेंगी?**

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