धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के सरदारपुर में मंगलवार रात करीब 1 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के कानपुर जा रही यात्री बस अचानक आग की चपेट में आ गई। भोपावर चौकी के पास बस से धुआं निकलता देख चालक ने वाहन रोक दिया। इसके बाद यात्रियों में जान बचाने की होड़ मच गई
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बस क्रमांक यूपी 83 बीटी 3947 में सवार कई यात्रियों ने दरवाजे से बाहर निकलकर जान बचाई, जबकि कुछ लोगों को खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर निकलना पड़ा। कानपुर निवासी नीलम पाल ने बताया कि धुआं भरने के बाद उन्होंने पहले अपने आठ वर्षीय बेटे को खिड़की से बाहर निकाला और फिर खुद बाहर आईं। इस दौरान उनका बैग बस में ही जल गया। बैग में रुपये, चांदी की पायजेब और कपड़े रखे थे। कई अन्य यात्रियों का सामान भी आग में जलकर राख हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद चालक मौके से निकल गया। यात्रियों ने यह भी बताया कि दाहोद के पास एक होटल पर बस को करीब चार घंटे रोककर उसमें काम कराया गया था। इसके बाद बस आगे रवाना हुई थी। हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है और इसकी जांच की जा रही है।
सूचना मिलते ही सरदारपुर पुलिस और दमकल दल मौके पर पहुंचा। आग बुझाने के दौरान मार्ग के एक हिस्से का यातायात रोककर वाहनों को दूसरी तरफ से निकाला गया। कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए भेजा गया। बाद में यात्रियों को दूसरी बसों से उनके गंतव्य की ओर रवाना कराने की व्यवस्था की गई।
हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की निजी यात्री बसों की तकनीकी जांच, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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