मॉस्को। भारत-रूस संबंधों को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मॉस्को यात्रा बेहद महत्वपूर्ण रही। जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत संदेश सौंपा। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
जयशंकर ने पुतिन को बताया कि भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग तेजी से बढ़ा है। व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु सहयोग और अन्य क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर बातचीत हुई। पुतिन ने भी भारत के लिए उर्वरक आपूर्ति जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में आगामी शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स शिखर सम्मेलनों का मुद्दा भी अहम रहा। जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन में पुतिन से मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं और भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।
इसके बाद जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ भी व्यापक बातचीत की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय संकट, वैश्विक चुनौतियों और बहुपक्षीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। यह एक महीने के भीतर दोनों विदेश मंत्रियों की दूसरी मुलाकात भी रही।
जयशंकर की यात्रा ऐसे समय हुई है जब भारत-रूस संबंधों में व्यापार और ऊर्जा से लेकर रणनीतिक सहयोग तक कई नए आयाम जुड़ रहे हैं। आगामी शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स बैठकें दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच आगे की कूटनीतिक दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

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