ट्रस्ट में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की कवायद; कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव की भूमिका संभाल रहे
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को लेकर बदलाव का दौर जारी है। ट्रस्ट ने सीए नरपत डुकिया को राम मंदिर के संचालन-प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ट्रस्ट अपनी आंतरिक व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
इससे पहले ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी दी थी। उन्हें चंपत राय के इस्तीफे के बाद यह दायित्व सौंपा गया। कृष्ण मोहन सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारी और ट्रस्ट के स्थायी सदस्य हैं।
ट्रस्ट के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, दान की पारदर्शिता और आंतरिक नियंत्रण को मजबूत करना है। दान राशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बाद ट्रस्ट में जवाबदेही और निगरानी को लेकर भी सवाल उठे थे। कृष्ण मोहन ने पद संभालते समय कहा था कि व्यवस्था की कमियों को दूर करना और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना प्राथमिकता होगी।
इसी पृष्ठभूमि में नई जिम्मेदारियों को केवल पदों में बदलाव के तौर पर नहीं, बल्कि मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि नई व्यवस्था से मंदिर के संचालन, वित्तीय निगरानी और श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है।

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