कटनी के बहुचर्चित जमीन सौदा मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपियों पर शिकंजा भी कसता दिखाई दे रहा है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को नामजद आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान कांग्रेस नेता मारूफ अहमद हनफी के घर पर ताला मिला। एसआईटी ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई। तीनों नामजद आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं।
इस मामले में तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। पुलिस जांच के बाद मामले की विवेचना आठ सदस्यीय एसआईटी को सौंपी गई है। आरोप है कि कंहवारा क्षेत्र में हत्या के एक आरोपी के परिवार की जमीन को दबाव बनाकर कथित तौर पर वास्तविक कीमत से काफी कम रकम में रजिस्ट्री कराया गया। रिपोर्टों के अनुसार जमीन की मार्गदर्शिका कीमत करीब 82.86 लाख रुपये बताई गई, जबकि रजिस्ट्री करीब 18.20 लाख रुपये में होने का आरोप है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर पच्चीसिया को निलंबित किया जा चुका है और उनके कार्यालय को भी सील किया गया था। तीनों आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की मांग की है। अब एसआईटी की दबिश और दस्तावेजों की पड़ताल से यह साफ होने की उम्मीद है कि जमीन सौदे में किसकी क्या भूमिका थी और कथित दबाव किस स्तर तक बनाया गया।
बड़ा सवाल: जिस जमीन सौदे ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, उसमें एसआईटी अब सिर्फ आरोपियों की तलाश तक सीमित रहेगी या सौदे के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क का भी पर्दाफाश करेगी?

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