मुंहासे केवल हार्मोनल बदलाव या त्वचा की समस्या के कारण ही नहीं होते, बल्कि रोजमर्रा की कुछ आदतें भी इन्हें बढ़ा सकती हैं। अगर चेहरे पर बार-बार पिंपल्स निकल रहे हैं या मुंहासे लंबे समय तक बने रहते हैं, तो अपनी दिनचर्या पर भी नजर डालना जरूरी है।
पहली गलती—बार-बार चेहरा छूना। हाथों पर मौजूद तेल, धूल और बैक्टीरिया चेहरे तक पहुंचकर रोमछिद्रों को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर गंदे हाथों से पिंपल्स को छूने या दबाने से समस्या बढ़ सकती है।
दूसरी गलती—बहुत ज्यादा चेहरा धोना। त्वचा को बार-बार या कठोर साबुन से साफ करने पर प्राकृतिक तेल कम हो सकता है। इससे त्वचा में जलन और रूखापन बढ़ सकता है और कुछ लोगों में मुंहासे और परेशान कर सकते हैं।
तीसरी गलती—पिंपल्स दबाना। मुंहासों को नाखून से फोड़ने या दबाने से सूजन बढ़ सकती है और बाद में दाग या निशान पड़ने का जोखिम रहता है।
चौथी गलती—मेकअप या त्वचा संबंधी उत्पादों का गलत चुनाव। बहुत भारी या रोमछिद्र बंद करने वाले उत्पाद कुछ लोगों में मुंहासे बढ़ा सकते हैं। त्वचा के अनुरूप उत्पाद चुनना बेहतर है।
पांचवीं गलती—तकिए का गंदा कवर और मोबाइल स्क्रीन। चेहरे के संपर्क में आने वाली चीजों पर जमा तेल और गंदगी त्वचा को प्रभावित कर सकती है। तकिए के कवर और मोबाइल स्क्रीन की नियमित सफाई मददगार हो सकती है।
अगर मुंहासे लगातार बने रहें, दर्दनाक हों या दाग छोड़ रहे हों, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। केवल घरेलू उपायों के भरोसे लंबे समय तक समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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