भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अगले पांच वर्षों के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का प्रावधान किया है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक सोच, तकनीकी क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देकर प्रदेश के विकास को नई गति दी जाएगी।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि विज्ञान-प्रौद्योगिकी से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए आगामी पांच वर्षों का वित्तीय प्रावधान तय किया गया है। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सरकारी कामकाज, शिक्षा, अनुसंधान और विकास से जोड़ना है।
सरकार की योजना तकनीकी संसाधनों को मजबूत करने के साथ प्रदेश में नवाचार का वातावरण तैयार करने की भी है। हालांकि, 492 करोड़ रुपये के इस प्रावधान का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि योजनाओं को जमीन पर कितनी तेजी और पारदर्शिता से लागू किया जाता है।
बड़ा सवाल यह भी है कि इस राशि का लाभ प्रदेश के विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों तक किस तरह पहुंचेगा। यदि निवेश केवल कागजी योजनाओं तक सीमित नहीं रहा और स्थानीय स्तर पर तकनीकी सुविधाएं विकसित हुईं, तो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकती है।

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