सीआईडी की जांच में खुलासा—17 राज्यों तक फैला नेटवर्क, करोड़ों निवेशकों से हजारों करोड़ की कथित धोखाधड़ी
भोपाल। मध्य प्रदेश में चिटफंड के नाम पर निवेशकों से बड़ी रकम ठगने वाले एक नेटवर्क का सीआईडी ने खुलासा किया है। अशोकनगर, टीकमगढ़, दमोह और विदिशा में सामने आए 11 मामलों की जांच में करीब 1,600 निवेशकों से 42 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ठगे जाने की बात सामने आई है। भोपाल, सिंगरौली और शहडोल में भी इसी तरह की शिकायतों की जांच जारी है।
सीआईडी के अनुसार, आरोपियों ने केवल मध्य प्रदेश तक नेटवर्क सीमित नहीं रखा। जांच में 17 राज्यों में करीब 3.51 करोड़ निवेशकों से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी किए जाने का पता चला है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नामों से करीब 10 सोसायटियां संचालित किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है।
धोखाधड़ी का तरीका भी बेहद सुनियोजित बताया गया है। स्थानीय लोगों को प्रबंधक और एजेंट बनाकर निवेशकों को कम समय में रकम दोगुनी करने तथा अधिक ब्याज का लालच दिया जाता था। जांच के मुताबिक सोसायटियों के खातों में जमा राशि निकालकर मुख्य आरोपी तक पहुंचाई जाती थी। आरोप है कि बिना आवश्यक अनुमति के वित्तीय गतिविधियां भी संचालित की गईं।
सीआईडी ने समीर अग्रवाल समेत 16 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है और उनकी तलाश जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े नेटवर्क ने अलग-अलग राज्यों में वर्षों तक निवेशकों से पैसा जुटाया तो नियामक और स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
मामला केवल 42 करोड़ की ठगी तक सीमित नहीं दिख रहा। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, नेटवर्क से जुड़े लोगों, संपत्तियों और निवेशकों की वास्तविक संख्या का दायरा और बड़ा होने की आशंका है।

Post a Comment