मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आज होने वाली कैबिनेट बैठक में शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति देने के प्रस्ताव पर चर्चा होनी है। स्वीकृति मिलने पर प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 31 अगस्त को निर्धारित है। इससे पहले शीर्ष अदालत मध्य प्रदेश सरकार से अभियोजन स्वीकृति पर निर्णय लेने को कह चुकी है। जनवरी में अदालत ने सरकार को दो सप्ताह में उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया था। बाद में भी मामले में देरी को लेकर अदालत ने सख्त रुख अपनाया।
विवाद मई 2025 में महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान विजय शाह की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई टिप्पणी से शुरू हुआ था। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए टिप्पणी को गंभीर माना था और पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
विशेष जांच दल अपनी जांच पूरी कर चुका है और अभियोजन की स्वीकृति मांगी गई है। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कैबिनेट क्या फैसला करती है, बल्कि यह भी है कि क्या सरकार सुप्रीम कोर्ट के लगातार निर्देशों के बाद लंबित निर्णय को अंतिम रूप दे पाएगी?
31 अगस्त की सुनवाई से पहले आज का कैबिनेट फैसला सरकार की कानूनी स्थिति और राजनीतिक इच्छाशक्ति—दोनों का संकेत माना जाएगा।

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