नई दिल्ली। गाजा को लेकर इजराइल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बेन-ग्वीर ने हाल में एक बातचीत के दौरान कहा कि इजराइली सेना को गाजा में हर रात 30 से 40 लोगों को निशाना बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई केवल तत्काल खतरा पैदा करने वालों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
रिपोर्टों के अनुसार, बेन-ग्वीर ने गाजा के फिलिस्तीनियों के बारे में बेहद आपत्तिजनक और अमानवीय भाषा का इस्तेमाल किया। उनके बयान में ऐसे लोगों को भी निशाना बनाने की बात कही गई, जिन्हें वह इजराइल के लिए खतरा मानते हैं। इस बयान की व्यापक आलोचना हुई है।
बेन-ग्वीर लंबे समय से गाजा में इजराइली बस्तियां दोबारा स्थापित करने और फिलिस्तीनियों को वहां से बाहर जाने के लिए प्रोत्साहित करने की मांग करते रहे हैं। ताजा बयानों में भी उन्होंने गाजा में यहूदी बस्तियां बसाने की अपनी मांग दोहराई है।
उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब गाजा को लेकर युद्ध समाप्त करने, भविष्य की शासन व्यवस्था और विस्थापित लोगों के सवाल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत चल रही है। ऐसे में किसी वरिष्ठ सरकारी मंत्री की ओर से इस तरह की टिप्पणी ने संघर्ष को लेकर पहले से मौजूद तनाव और मानवीय चिंता को और बढ़ा दिया है।
गौरतलब है कि बेन-ग्वीर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री हैं और इजराइली राजनीति में अपने बेहद कट्टर दक्षिणपंथी रुख के लिए जाने जाते हैं। उनके ताजा बयान ने एक बार फिर गाजा में सैन्य कार्रवाई, नागरिकों की सुरक्षा और भविष्य की राजनीतिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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