सतना/चित्रकूट। मध्य प्रदेश के सतना और उत्तर प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। शनिवार को पहाड़ी इलाकों से तेजी से नीचे आए पानी और उफनती नदियों ने कई क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया। मंदाकिनी, शरभंग, बरदहा और वाल्मीकि नदियों में बाढ़ आने से चित्रकूट और आसपास के इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सतना में पिछले 24 घंटे में हुई रिकॉर्ड बारिश के बाद प्रशासन को राहत और बचाव अभियान तेज करना पड़ा। कई निचले इलाकों में पानी भरने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना और प्रशासन की टीमें राहत कार्य में जुटीं। जरूरत वाले स्थानों पर नावों के साथ हवाई संसाधनों की भी मदद ली गई।
चित्रकूट में बाढ़ का असर धार्मिक और पर्यटन क्षेत्रों तक दिखाई दिया। नदी का जलस्तर बढ़ने से घाटों और आसपास के इलाकों में पानी फैल गया। पहाड़ों से लगातार आ रहे पानी ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
कई इलाकों पर नजर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। राहत शिविरों में लोगों को पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना और किसी भी तरह की जनहानि रोकना है।
सतना और चित्रकूट में अचानक बिगड़े हालात ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश और तेजी से बढ़ते जलस्तर से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर बाढ़ चेतावनी और बचाव तंत्र कितना तैयार है।

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