आयाम बजाज
मुंबई। दक्षिण मुंबई के भुलेश्वर में गणपति प्रतिमा के आगमन समारोह में शनिवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। करीब 22 फीट ऊंची ‘भुलेश्वरचा राजा’ गणपति प्रतिमा का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। इसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में पांच और सात साल के दो बच्चे भी शामिल हैं।
हादसा रात करीब 9:50 बजे जय अंबे चौक के पास हुआ। प्रतिमा बायकुला से भुलेश्वर ले जाई जा रही थी और अपने गंतव्य से महज करीब 50 मीटर दूर थी। प्रारंभिक जांच में सड़क पर किसी बड़े गड्ढे की बात सामने नहीं आई है। कुछ रिपोर्टों में प्रतिमा के सहारे वाले ढांचे के नट-बोल्ट ढीले होने को संभावित कारण बताया गया है। हालांकि अंतिम वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
हादसे के बाद मुंबई पुलिस, अग्निशमन दल, यातायात पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। सातों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां दो लोगों को मृत घोषित किया गया। बाकी पांच घायलों की हालत स्थिर बताई गई है।
यह हादसा केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि बड़ी और भारी धार्मिक प्रतिमाओं के निर्माण, ढुलाई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जब प्रतिमा 22 फीट ऊंची हो, उसे सड़क पर ले जाया जा रहा हो और आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद हों, तब ढांचे की मजबूती, जोड़, संतुलन और सुरक्षा घेरा महज औपचारिकता नहीं हो सकते।
आस्था अपनी जगह है, लेकिन आस्था के नाम पर सुरक्षा से समझौता किस कीमत पर? दो परिवारों ने अपने सदस्य खो दिए। अब जांच सिर्फ यह न बताए कि प्रतिमा क्यों गिरी, बल्कि यह भी तय करे कि इतनी बड़ी प्रतिमा को सड़क पर उतारने से पहले सुरक्षा मानकों की जिम्मेदारी किसकी थी और जांच की जिम्मेदारी किस अधिकारी या संस्था की थी।

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