देवास/मथुरा। रिफाइनरी पाइपलाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी करने के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के देवास निवासी आरोपी अशोक जैन की करीब 20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर दी है। पुलिस का दावा है कि यह संपत्ति कथित रूप से अवैध कमाई से अर्जित की गई थी। कार्रवाई गैंग्स्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत की गई।
करीब तीन वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के फरह क्षेत्र के सेरसा गांव के पास रिफाइनरी पाइपलाइन में सेंध लगाकर बड़े पैमाने पर तेल चोरी का मामला सामने आया था। जांच में संगठित गिरोह का खुलासा हुआ और कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर हुई थी फायरिंग
पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के समय पुलिस दल पर फायरिंग भी की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई और मामले की जांच लगातार जारी रही।
किन संपत्तियों को किया गया कुर्क
जांच के दौरान पुलिस ने अशोक जैन से जुड़ी कई संपत्तियों की पहचान की। इनमें—
इंदौर स्थित एक पेट्रोल पंप
देवास जिले की तीन कृषि भूमि
दो प्लॉट
शामिल हैं। इन सभी संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये बताया गया है।
गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति होने के पर्याप्त आधार मिलने के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी कर संपत्तियों को कुर्क किया गया है। सभी कार्रवाई कानून के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की गई है।
अन्य आरोपियों की भी जांच
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की संपत्तियों की भी जांच कर रही है। यदि जांच में अवैध कमाई से संपत्ति अर्जित करने के प्रमाण मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का बयान
फरह थाना प्रभारी छोटे लाल ने बताया कि मध्य प्रदेश में स्थित अशोक जैन की संपत्तियों को विधिक प्रक्रिया के तहत सीज किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और नए तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

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