नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक ने दावा किया है कि उन्होंने अपने अनशन को के हाथों तुड़वाने की इच्छा जताई थी, लेकिन उन्हें इस संबंध में कोई स्पष्ट या संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
वांगचुक ने कहा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से यह संदेश पहुंचाया था कि यदि राहुल गांधी आएं और अनशन तुड़वाएं तो यह लोकतांत्रिक संवाद का सकारात्मक संकेत होगा। हालांकि, उनके अनुसार इस प्रस्ताव पर कोई स्पष्ट सहमति नहीं मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए नहीं, बल्कि लद्दाख से जुड़े मुद्दों और स्थानीय लोगों की मांगों को लेकर है। उनका उद्देश्य इन मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चा सुनिश्चित करना है।
कांग्रेस की ओर से इस दावे पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। फिलहाल वांगचुक के बयान के बाद इस मुद्दे पर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।

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