मुंबई। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाले दही-हांडी उत्सव से पहले महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। इस वर्ष करीब 1.6 लाख गोविंदाओं को बीमा सुरक्षा प्रदान की जाएगी, ताकि उत्सव के दौरान किसी भी दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
सरकार की योजना के अनुसार, यदि किसी गोविंदा की दुर्घटना में मृत्यु होती है तो उसके परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, घायल होने की स्थिति में भी चोट की गंभीरता के आधार पर बीमा के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
दही-हांडी महाराष्ट्र का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर युवक-युवतियों की टोलियां ऊंचाई पर लटकी मटकी तक पहुंचने के लिए मानव पिरामिड बनाती हैं। इस दौरान ऊंचाई से गिरने और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
सरकार का कहना है कि बीमा योजना का उद्देश्य गोविंदाओं और उनके परिवारों को सुरक्षा देना तथा पारंपरिक उत्सव को अधिक सुरक्षित बनाना है। इसके साथ ही आयोजकों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

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