नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के दूसरे चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में 1 सितंबर से 30 सितंबर तक जनगणना कराई जाएगी।
सरकार के अनुसार, इन क्षेत्रों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सामान्य कार्यक्रम से पहले जनगणना कराई जाएगी, ताकि दुर्गम इलाकों तक समय पर पहुंचकर सभी परिवारों का सही विवरण दर्ज किया जा सके।
जनगणना के दौरान प्रत्येक परिवार से जनसंख्या, आवास, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारियां एकत्र की जाएंगी। यह आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास नीतियों के निर्धारण का आधार बनेंगे।
केंद्र सरकार ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सके।
जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद मानी जाती है और इसके आंकड़े शासन, नीति निर्माण तथा विकास योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।

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