इंदौर। ने कहा है कि भारत का चुनाव तंत्र आज दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुका है। शनिवार को इंदौर दौरे के दौरान उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद करते हुए मध्यप्रदेश में लागू विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मॉडल की सराहना की और इसे देश के सबसे पारदर्शी एवं प्रभावी मॉडलों में से एक बताया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाए रखने में बीएलओ की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत ही चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता का आधार है। उन्होंने अधिकारियों से घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन और रिकॉर्ड अपडेट करने का कार्य पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ करने का आग्रह किया।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत का निर्वाचन तंत्र लगातार आधुनिक तकनीक और पारदर्शी प्रक्रियाओं को अपनाकर मजबूत हुआ है। यही कारण है कि दुनिया के अनेक देश भारतीय चुनाव प्रणाली का अध्ययन करते हैं और उससे सीखने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती की पहली शर्त है।
उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश का SIR मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी उदाहरण साबित हो सकता है। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और पूरी चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा भरोसेमंद बनाना है।

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