राम मंदिर ट्रस्ट की सदस्यता पर भी उठे सवाल, अखाड़े ने नियमों का दिया हवाला
अयोध्या। राम जन्मभूमि से जुड़े प्रमुख धार्मिक संगठन निर्मोही अखाड़े में नेतृत्व को लेकर विवाद गहरा गया है। अखाड़े की पंचायत ने महंत दिनेंद्र दास को महंत पद से हटाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उनके श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सदस्यता को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
निर्मोही अखाड़े के पंच सीताराम दास महाराज ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि निर्मोही अखाड़ा एक पंचायती व्यवस्था के तहत संचालित होता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति पंचायत के नियमों और परंपराओं का पालन नहीं करता, उसके खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था अखाड़े के संविधान में मौजूद है।
अखाड़े का कहना है कि निर्णय आंतरिक नियमों और पंचायत की प्रक्रिया के अनुसार लिया गया है। हालांकि, इस मामले पर महंत दिनेंद्र दास की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस घटनाक्रम पर संत समाज की भी नजर बनी हुई है। यदि ट्रस्ट स्तर पर कोई निर्णय लिया जाता है, तो उसका असर राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और धार्मिक मामलों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल इस विषय पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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