मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 15 दिनों में मांगी विस्तृत जमीनी रिपोर्ट
बेंगलुरु। कर्नाटक में लगातार कम बारिश के कारण सूखे की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण क्षमता घटकर करीब 40 प्रतिशत रह गई है। इससे पेयजल, सिंचाई और बिजली उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर राज्य के सभी जिलों की विस्तृत जमीनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपें। रिपोर्ट में वर्षा की स्थिति, जलाशयों में उपलब्ध पानी, फसलों की स्थिति और पेयजल संकट का पूरा आकलन शामिल होगा।
राज्य सरकार ने अधिकारियों को जल संरक्षण, पेयजल आपूर्ति और किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। यदि जल्द पर्याप्त वर्षा नहीं होती है, तो आने वाले महीनों में कई जिलों में जल संकट और गहरा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते प्रभावी जल प्रबंधन और राहत उपाय नहीं किए गए, तो कृषि उत्पादन के साथ-साथ आम जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

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