बोले— पाकिस्तान से बातचीत को तैयार सरकार, लेकिन अपने नागरिकों की आवाज़ सुनने से परहेज़
आयाम बजाज | मुंबई
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पाकिस्तान से बातचीत के लिए तैयार हो सकती है, तो अपने ही देश के नागरिकों से संवाद करने में परहेज़ क्यों कर रही है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार जवाबदेही से बचती है, उसे जनता के सवालों का सामना करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि "सच को चादर से नहीं ढका जा सकता।"
ठाकरे ने सोनम वांगचुक के आंदोलन को देशव्यापी जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह केवल लद्दाख का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और जनता की आवाज़ का मुद्दा है।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब, लद्दाख और अन्य राज्यों के मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज हो सकती है।

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