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जीतू पटवारी के 'चुनाव के बाद हिसाब लेंगे' बयान पर सियासी घमासान, भाजपा ने आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया



भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक बयान ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। बसई क्षेत्र के ठकुरपुरा गांव में कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के समर्थन में आयोजित सभा में पटवारी ने पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने पक्षपात किया तो "चुनाव के बाद उसका हिसाब लिया जाएगा।" इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी आपत्ति जताई है।



सभा को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष चुनाव पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही संविधान और कानून के प्रति होती है। उनका कहना था कि चुनाव आयोग के निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन होना चाहिए और यदि किसी अधिकारी ने दबाव में आकर या जानबूझकर निष्पक्षता से समझौता किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।


पटवारी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे किसी उकसावे में न आएं और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ें। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपने प्रत्येक कार्यकर्ता के साथ मजबूती से खड़ी है। अपने भाषण में उन्होंने दतिया की कानून-व्यवस्था, भूमि विवाद, अपराध और अन्य स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए मतदाताओं से कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की।


उधर, मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने पटवारी के बयान को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग से संज्ञान लेने की मांग की। सारंग ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को इस तरह सार्वजनिक रूप से चेतावनी देना लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है। उनके अनुसार, चुनाव कराने में लगे प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास अनुचित है और यह कांग्रेस की "हारी हुई मानसिकता" को दर्शाता है।


भाजपा का आरोप है कि ऐसे बयान चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और प्रशासनिक तंत्र पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास हैं। वहीं कांग्रेस का कहना है कि पटवारी का आशय केवल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने और पक्षपात करने वालों की जवाबदेही तय करने से था।


फिलहाल इस पूरे विवाद पर जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दतिया उपचुनाव में मतदान से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और चुनावी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है।

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