नई दिल्ली। देशभर में नीट (NEET) परीक्षा विवाद और पेपर लीक के मामलों को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी, ताकि दोषियों को शीघ्र और कड़ी सजा मिल सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मामलों का त्वरित निस्तारण होगा और भविष्य में परीक्षा माफिया पर कड़ा अंकुश लगाया जा सकेगा।
हालांकि, सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि फास्ट ट्रैक कोर्टों की संख्या कितनी होगी, उनका अधिकार क्षेत्र क्या होगा और उन्हें लागू करने की समय-सीमा क्या रहेगी। सामान्यतः ऐसे न्यायालय राज्य सरकारें संबंधित उच्च न्यायालयों के परामर्श से स्थापित करती हैं।

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