भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि धरने के कारण उनके छोटे बेटे को परीक्षा केंद्र पहुंचने में भारी परेशानी हुई और वह निर्धारित समय से करीब 30 मिनट की देरी से पहुंचा। दुबे ने कहा कि परीक्षा छूटते-छूटते बची और इस असुविधा की जिम्मेदारी कौन लेगा।
निशिकांत दुबे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध-प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन ऐसा प्रदर्शन आम लोगों, छात्रों और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित नहीं करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी छात्र की परीक्षा छूट जाती, तो उसकी जिम्मेदारी क्या कांग्रेस पार्टी लेती?
बीजेपी सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच धरने और प्रदर्शन के तौर-तरीकों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
हालांकि, इस मामले पर कांग्रेस की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई है और परीक्षा में हुई देरी का कारण क्या था, इसे लेकर दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे मामलों में प्रशासन की रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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