नई दिल्ली। चीन से आने वाले सस्ते उत्पादों पर लगाम कसने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। खेती में इस्तेमाल होने वाले खरपतवार नाशक ग्लूफ़ोसिनेट के आयात को लेकर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। चीन से इस रसायन की कथित डंपिंग और कीमतों में हेरफेर की आशंका के बीच अब आयातकों को एंटी-डंपिंग ड्यूटी के साथ वित्तीय गारंटी भी देनी होगी।
सरकार का मानना है कि बेहद कम कीमत पर आयात किए जा रहे उत्पादों से घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में नए प्रावधानों का उद्देश्य भारतीय निर्माताओं के हितों की रक्षा करना और बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में डंपिंग के आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे और कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन लंबे समय से कई उत्पादों को कम कीमत पर निर्यात कर वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करता रहा है। भारत भी समय-समय पर ऐसे मामलों में एंटी-डंपिंग उपाय अपनाता रहा है ताकि घरेलू उद्योगों को अनुचित प्रतिस्पर्धा से बचाया जा सके।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम किसानों के खिलाफ नहीं, बल्कि निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे भारतीय रसायन उद्योग को मजबूती मिलेगी और कृषि क्षेत्र में आवश्यक उत्पादों की आपूर्ति भी संतुलित बनी रहेगी। आने वाले समय में इस मामले की जांच और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई पर उद्योग जगत की नजर बनी रहेगी।

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