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ठेकों का खेल! इंजीनियर के घर लोकायुक्त का धावा, परिवार के नाम पर फैक्ट्रियों का जाल

 


'शुभम इलेक्ट्रिकल', 'एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स', 'कर्निश पावरजोन', 'कृष्णा पावर' और 'ए-वन इलेक्ट्रिकल' जांच के घेरे में

प्रणव बजाज


इंदौर। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल पर लोकायुक्त की कार्रवाई में कथित तौर पर सरकारी पद और निजी कारोबार के गठजोड़ का बड़ा खुलासा हुआ है। इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में नौ ठिकानों पर हुई छापेमारी में करोड़ों रुपये की संपत्ति, औद्योगिक इकाइयों और कई कंपनियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सेमिल और उनके परिजनों की आय से लगभग 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है।



लोकायुक्त जांच में सामने आया कि पीथमपुर सेक्टर-3 में बेटे के नाम से 'शुभम इलेक्ट्रिकल' नामक ट्रांसफार्मर निर्माण इकाई संचालित हो रही है। इसके अलावा पुत्रवधू और अन्य परिजनों के नाम से 'कर्निश पावरजोन' फर्म पंजीकृत मिली, जिसके नाम पर औद्योगिक भूखंड और फैक्ट्री निर्माण पाया गया। धार के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में बेटे और दामाद के नाम से 'एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स' संचालित होने की जानकारी मिली है। जांच में 'कृष्णा पावर' और रिश्तेदारों के नाम से संचालित 'ए-वन इलेक्ट्रिकल' भी सामने आई हैं, जिनके निवेश और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।


लोकायुक्त का आरोप है कि इन कंपनियों के माध्यम से ट्रांसफार्मर निर्माण और मरम्मत का कारोबार किया जाता था। जांच एजेंसियां यह भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन फर्मों को प्रभाव का इस्तेमाल कर बिजली कंपनी से ट्रांसफार्मर मरम्मत और अन्य कार्यों के ठेके दिलाए गए। दस्तावेज भले ही परिजनों के नाम पर हों, लेकिन पूरे कारोबारी नेटवर्क का संचालन परिवार के सदस्यों द्वारा किए जाने के संकेत मिले हैं।


लोकायुक्त ने सिलिकॉन सिटी स्थित तीन मंजिला मकान, औद्योगिक भूखंड, व्यावसायिक कार्यालय, एक इलेक्ट्रिक कार, बैंक खाते, निवेश और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार 33 वर्ष की सरकारी सेवा में लगभग दो करोड़ रुपये की वैध आय के मुकाबले अब तक 7.16 करोड़ रुपये से अधिक के व्यय और संपत्ति के प्रमाण मिले हैं। जांच अभी जारी है और संपत्ति का आंकड़ा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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